Bhaye pragat kripala hindi lyrics

Bhaye pragat kripala Lyrics-भये प्रगट कृपाला अर्थ सहित | Bhaye pragat kripala Lyrics in hindi with meaning | भये प्रगट कृपाला दीनदयाला हिंदी में अर्थ सहित | Bhaye Pragat kripala lyrics | भये प्रगट कृपाला इन हिंदी | Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala| भये प्रगट कृपाला दीन दयाला | श्री राम स्तुति | Bhaye Pragat Kripala | भये प्रगट कृपाला दीन दयाला | श्री राम स्तुति | Bhaye Pragat Kripala

 Subscribe on Youtube:The Spiritual Talks

Follow on Pinterest: The Spiritual Talks

 

 

bhaye pragat kripala

 

 

भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी |

हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी || 1

दीनों पर दया करने वाले ,कौशल्या जी के हितकारी कृपालु प्रभु प्रगट हुए। मुनियों के मनों को हरने वाले उनके अद्भुत रुप का विचार करके माता हर्ष से भर गयी ॥

 

लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी |

भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी || 2

 

नेत्रों को आनंद देने वाल मेघ के समान श्याम शरीर था , चारों भुजाओं में अपने [ खास] आयुध [ धारण किये हुए ] थे, [दिव्य ] आभूषण और वनमाला पहने थे, बड़े-बड़े नेत्र थे । इस प्रकार शोभा के समुद्र तथा खर राक्षस को मारने वाले भगवान प्रगट हुए ॥

 

 

lord ram

 

 

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता |

माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता || 3

दोनों हाथ जोड़कर माता कहने लगी -हे अनन्त ! मैं किस प्रकार तुम्हारी स्तुति करुँ । वेद और पुराण तुमको माया , गुण और ज्ञान से परे बताते हैं ।

 

करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता |

सो मम हित लागी जन अनुरागी भयौ प्रकट श्रीकंता || 4

 

श्रुतियां और संत जन दया और सुख का समुन्द्र , सब गुणोँ का धाम कहकर जिनका गान करते हैं, वही भक्तों पर प्रेम करने वाले लक्ष्मीपति भगवान मेरे कल्याण के लिये प्रगट हुए हैं ॥

 

 

Bhaye pragat kripala hindi lyrics

 

 

ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै |

मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै || 5

वेद कहते हैं तुम्हारे प्रत्येक रोम में माया के रचे हुए अनेकोँ ब्रह्मण्डों के समूह [ भरे ] हैं । वे तुम मेरे गर्भ में रहे – इस हंसी कि बात के सुनने पर धीर [ विवेकी ] पुरुषों की बुद्धि स्थिर नहीं रहती [ विचलित हो जाती है ] ॥

 

उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै |

कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै || 6

 

जब माता को ज्ञान उत्पन्न हुआ , तब प्रभु मुस्कराये । वे बहुत प्रकार के चरित्र करना चाहते हैं । अतः उन्होंने [ पूर्वजन्म ] सुन्दर कथा कह कर माता को समझाया , जिससे उन्हेँ पुत्र का [ वात्सल्य ] प्रेम प्राप्त हो [ भगवान के प्रति पुत्र भाव हो जाये ] ॥

 

 

Lord ram and kaushalya

 

 

माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा |

कीजे सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा || 7

 

माता की बुद्धि बदल गयी तब वह फिर बोली -हे तात ! यह रुप छोड़ कर अत्यन्त प्रिय बाललीला करो, [ मेरे लिए ] यह सुख परम अनुपम होगा ।

 

सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होई बालक सुरभूपा |

यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं ते न परहिं भवकूपा || 8

 

[माता का वचन सुनकर देवताओं के स्वामी सुजान भगवान ने बालक [ रूप ] होकर रोना शुरु कर दिया ।

[ तुलसीदास जी कहते हैं ] जो इस चरित्र का गान करते हैँ, वे श्रीहरि का पद पाते हैं और [ फिर] संसार रूपी कूप में नहीं गिरते हैं ॥

 

Bhaye pragat kripala Lyrics

 

भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी |

हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी || 1

लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी |

भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी || 2

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता |

माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता || 3

करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता |

सो मम हित लागी जन अनुरागी भयौ प्रकट श्रीकंता || 4

ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै |

मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै || 5

उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै |

कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै || 6

माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा |

कीजे सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा || 7

सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होई बालक सुरभूपा |

यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं ते न परहिं भवकूपा || 8

 

 

Bhaye pragat kripala English Lyrics with meaning 

 

 

 

Be a part of this Spiritual family by visiting more spiritual articles on:

The Spiritual Talks

For more divine and soulful mantras, bhajan and hymns:

Subscribe on Youtube: The Spiritual Talks

For Spiritual quotes , Divine images and wallpapers  & Pinterest Stories:

Follow on Pinterest: The Spiritual Talks

For any query contact on:

E-mail id: thespiritualtalks01@gmail.com

 

 

 

 

 

By spiritual talks

Welcome to the spiritual platform to find your true self, to recognize your soul purpose, to discover your life path, to acquire your inner wisdom, to obtain your mental tranquility.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!